Jul 24, 2009

सिविल लाइन

संता ने सिविल लाइन में जब बंता को देखा तो उसका चेहरा खिल उठा। वह झट से उसके पास पहुंचा।

संता (बंता से)- यार बंता खूब मिल गए तुम। मैं बड़ा परेशान हो रहा था।

बंता (संता से)- खैरियत तो है, ऐसा कौन-सा संकट आ पड़ा।

संता- यार मैंने सौ रुपए का सामान खरीद लिया, पर जेब में हाथ डाला तो पता चला कि बटुआ घर छोड़ आया हूं। तुम इस समय मेरी मदद कर दो।

बंता- जरूर। आखिर दोस्त ही दोस्त के काम आता है.. यह लो चवन्नी और रिक्शा से तुरंत घर जाकर बटुआ ले आओ।

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